2 महीने बाद घर आने का किया था वादा, मगर पहले ही हेलीकॉप्टर हादसे का हुए शिकार- पढ़िए शहीद राणा प्रताप की कहानी

0
112

[ad_1]

डेस्क: बीते दिन तमिलनाडु के कुन्नूर के पास घने कोहरे के कारण सेना का हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, उस हादसे में CDS जनरल रावत सहित कुल 13 लोगों मौत हो गई, इसी हेलिकॉप्टर पर ओडिशा के राणा प्रताप भी सवार थे, वो एयरफोर्स (Airforce) में जूनियर वॉरन्ट ऑफिसर थे, बता दे की प्रताप मात्र 35 साल के थे, उनके निधन से ओडिशा के कृष्णाचंद्रपुर गांव में मातम पसरा है। प्रताप साल 2006 से ही एयरफोर्स में थे।

घटना के बाद उसके गांव के पड़ोसी लिटू दास ने बताया की, “उन्होंने बहुत कम उम्र में काम करना शुरू कर दिया था, हम सभी उनका यहां इंतजार करते थे, वो गांव (Village) के पहले व्यक्ति थे, जिन्हें इतनी सम्मानजनक नौकरी मिली और वो हम सभी के लिए प्रेरणा थे और हमेशा रहेंगे, हम में से बहुत से लोग उसके जैसा बनने की ख्वाहिश रखते हैं,”

आगे उन्होंने कहा कि “उनकी आखिरी पोस्टिंग कोयंबटूर में हुई थी, प्रताप की नवंबर में ट्रेनिंग होनी थी, लिहाजा उन्होंने अपनी पत्नी (Wife) और डेढ़ साल के बच्चे को बिहार के गया में अपने ससुराल भेज दिया, इसके बाद से उनकी मुलाकात परिवार से नहीं हुई थी, उनके माता-पिता (Mother-Father) बीमार रहते हैं, उन्हें गुरुवार शाम उनकी मृत्यु की सूचना दी गई।

बता दे की राणा प्रताप की बड़ी बहन सुश्री जो अपने पति के साथ कृष्णा चंद्रपुर पहुंचीं, उन्होंने बताया की “जब मुझे अपने इकलौते भाई की मौत के बारे में पता चला तो मेरी दुनिया तबाह हो गई, हम कठिन समय से गुजर रहे हैं, राणा से मेरी चार दिन पहले ही बात हुई थी, उसने जनवरी(JANUARY) में दो महीने की छुट्टी पर गांव आने का वादा किया था, उनके आने में सिर्फ एक महीना बचा था, आखिरी बार वो हमसे मिलने दुर्गा पूजा के दौरान आए थे”

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here