CDS बिपिन रावत के निधन की खबर सुनते ही फफक पड़े चाचा, कहा- ‘सड़क तो बनेगी.. पर बिपिन गांव नहीं आ पाएगा

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डेस्क: CDS जनरल बिपिन रावत का बुधवार को तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए एक हेलिकॉप्टर क्रैश में असमय निधन हो गया, हेलिकॉप्टर में कुल 14 लोग सवार थे, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई, उन सभी मौतों में जनरल रावत की पत्नी मधुलिका रावत भी शामिल थीं, इस अचानक हुए हादसे से पूरा देश स्तब्ध रह गया।

लेकिन जब बात आती है CDS जनरल बिपिन रावत गांव की तो उनका भी गांव अन्य गांवों की तरह पलायन से अछूता नहीं है। उत्तराखंड के द्वारीखाल ब्लाॅक की विरमोली ग्राम पंचायत के अंतर्गत पड़ने वाले उपग्राम सैंण तक पहुंचने के लिए मोटर गाड़ी नहीं बल्कि एक किमी पैदल रास्ता तय करना पड़ता है। जब बीते वर्ष 29 अप्रैल, 2018 के दौरे के बाद परिजनों और ग्रामीणों की मांग पर CDS जनरल रावत ने राज्य सरकार से गांव तक सड़क सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह किया था, जिसे सरकार ने स्वीकार करते हुए सड़क की स्वीकृति प्रदान की। सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है।

लेकिन इसी बीच बुधवार को हुए अचानक हादसे में उनकी निधन होने पर उनके चाचा फफक कर रो पड़े। बोले गांव तक सड़क तो पहुंच जाएगी, लेकिन बिपिन अब कभी गांव नहीं आ पाएगा। बता दे की CDS बिपिन रावत ने तत्कालीन सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से गांव को सड़क से जोड़ने का आग्रह किया था, जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए सीएम (CM) ने लोनिवि के अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए थे।

उनके चाचा भरत सिंह ने बताया कि “गांव की सड़क तो जरूर बनेगी.. लेकिन अब बिपिन गांव कभी नहीं आएगा। द्वारीखाल के ब्लाॅक प्रमुख महेंद्र सिंह राणा का कहना था कि जनरल रावत केवल उत्तराखंड ही नहीं पूरे भारत का गौरव थे। उनके निधन से देश ने एक वीर सपूत खो दिया है।”

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